# पंजाबी बाग में बिजली व्यवस्था पर सवाल: दो ट्रांसफार्मर के बावजूद बार-बार फॉल्ट, आग और बिजली कटौती से परेशान लोग

जालंधर(Deepak Saini)  जालंधर-पठानकोट रोड स्थित पंजाबी बाग क्षेत्र में बिजली व्यवस्था को लेकर स्थानीय निवासियों में भारी रोष देखने को मिल रहा है। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि पिछले कई वर्षों से बिजली की समस्या लगातार बनी हुई है, लेकिन बार-बार शिकायतों और अधिकारियों के संज्ञान में मामला लाए जाने के बावजूद इसका स्थायी समाधान नहीं हो सका है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, पंजाबी बाग में पहले 24 घंटे बिजली की सप्लाई उपलब्ध रहती थी, लेकिन समय के साथ घरों की संख्या बढ़ने और बिजली का लोड बढ़ने के कारण पुराने ट्रांसफार्मर पर अत्यधिक दबाव पड़ने लगा। इसके चलते बार-बार फॉल्ट और बिजली सप्लाई बाधित होने की समस्या सामने आने लगी।

समस्या के समाधान के लिए काफी प्रयासों के बाद क्षेत्र में *दो नए ट्रांसफार्मर लगाए गए*, लेकिन आरोप है कि दोनों ट्रांसफार्मरों को अलग-अलग बिजली लाइनों से जोड़ दिया गया। इसके परिणामस्वरूप पंजाबी बाग का एक हिस्सा शहरी लाइन से और दूसरा हिस्सा ग्रामीण लाइन से जोड़ दिया गया। अब स्थिति यह है कि जब एक हिस्से में बिजली रहती है तो दूसरे हिस्से में बिजली बंद हो जाती है।

क्षेत्रवासियों का कहना है कि इस समस्या को लेकर वे कई बार बिजली विभाग के जालंधर डिवीजन कार्यालय में शिकायत कर चुके हैं। यहां तक कि पूर्व में तत्कालीन XEN के समक्ष प्रस्ताव भी रखा गया था, जिस पर विभागीय स्तर पर इसे आगे भेजते हुए दोबारा व्यवस्था को दुरुस्त करने और सप्लाई को उचित तरीके से जोड़ने की बात कही गई थी। बावजूद इसके आज तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ।

### विकास के साथ बढ़ा लोड, लेकिन व्यवस्था जस की तस

स्थानीय निवासियों के मुताबिक पिछले कुछ वर्षों में पंजाबी बाग में लगातार विकास हुआ है। नए मकान बने हैं, स्ट्रीट लाइटें लगी हैं और बिजली की खपत भी बढ़ी है। ऐसे में मौजूदा ट्रांसफार्मरों पर पहले की तुलना में कहीं अधिक लोड पड़ रहा है।

पंजाबी बाग मेन चौक के पास लगे ट्रांसफार्मर को लेकर भी लोगों ने गंभीर चिंता जताई है। उनका कहना है कि आए दिन ट्रांसफार्मर में फ्यूज उड़ना, खराबी आना और यहां तक कि आग लगने जैसी घटनाएं सामने आती रहती हैं। इससे न केवल बिजली आपूर्ति प्रभावित होती है बल्कि आसपास रहने वाले लोगों की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

### शिकायतों के बावजूद समाधान नहीं, अब PGRS का सहारा

स्थानीय लोगों का कहना है कि बिजली विभाग के अधिकारियों को कई बार मौखिक और लिखित रूप से समस्या से अवगत करवाया गया, लेकिन जब लगातार समस्या बनी रही तो आखिरकार कुछ निवासियों ने *पंजाब सरकार के PGRS पोर्टल पर शिकायत दर्ज करवाने का फैसला किया।*

अब क्षेत्रवासियों की नजर इस बात पर है कि PGRS शिकायत के बाद बिजली विभाग के *SDO और XEN स्तर के अधिकारी* इस मामले में वास्तव में क्या कार्रवाई करते हैं और क्या पंजाबी बाग की बिजली व्यवस्था को स्थायी रूप से दुरुस्त किया जाता है या मामला फिर से कागजों तक ही सीमित रह जाता है।

### “अगर अब भी कार्रवाई नहीं हुई तो सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे निवासी”

क्षेत्रवासियों ने स्पष्ट किया है कि वे बिजली विभाग से किसी अस्थायी मरम्मत की नहीं बल्कि *स्थायी समाधान* की मांग कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि बार-बार फ्यूज उड़ने, ट्रांसफार्मर खराब होने और बिजली सप्लाई में असमानता से आम परिवारों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।

निवासियों ने पंजाब सरकार और बिजली विभाग के उच्च अधिकारियों से मांग की है कि पंजाबी बाग की बिजली व्यवस्था की मौके पर जांच करवाई जाए, वर्तमान लोड की तकनीकी जांच की जाए और जरूरत के अनुसार ट्रांसफार्मर तथा बिजली लाइनों की क्षमता बढ़ाई जाए।

लोगों ने चेतावनी दी है कि *यदि PGRS शिकायत के बाद भी समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया तो क्षेत्रवासी एकजुट होकर अगला कदम उठाने और अधिकारियों के समक्ष सामूहिक रूप से अपनी आवाज बुलंद करने के लिए मजबूर होंगे।*

अब देखना यह होगा कि PGRS शिकायत के बाद बिजली विभाग के SDO और XEN स्तर के अधिकारी इस गंभीर समस्या को कितनी गंभीरता से लेते हैं और पंजाबी बाग के लोगों को राहत कब तक मिलती है।