
जालंधर (दीपक सैनी): थाना मकसूदां के अधीन गांव नूरपुर स्थित महिंद्रा एंटरप्राइजेज में काम के दौरान एक महिला की दर्दनाक मौत के बाद फैक्ट्री प्रबंधन की कार्यप्रणाली और सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। हादसे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस करीब तीन घंटे तक फैक्ट्री के अंदर जांच करती रही, लेकिन इस दौरान मीडिया से कोई स्पष्ट जानकारी साझा नहीं की गई।

मिली जानकारी के अनुसार फैक्ट्री में काम करने के दौरान महिला का दुपट्टा चलती मशीन में फंस गया, जिसके बाद वह गंभीर हादसे की चपेट में आ गई और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि महिला की जान चली गई।

फैक्ट्री के बाहर लगे गेट पर महिंद्रा एंटरप्राइजेज का नाम स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। हादसे के बाद फैक्ट्री परिसर में पुलिस की मौजूदगी बनी हुई है। बताया जा रहा है कि मृतका के परिजनों को भी अंदर जाने अथवा मौके पर स्थिति देखने को लेकर परेशानी का सामना करना पड़ा।

सुरक्षा इंतजामों को लेकर बड़ा सवाल
हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या फैक्ट्री में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम मौजूद थे? मौके से सामने आई जानकारी के मुताबिक कर्मचारियों के लिए सेफ्टी बूट, सेफ्टी जैकेट और अन्य आवश्यक सुरक्षा उपकरणों को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
यदि मशीनरी के आसपास काम करने वाले कर्मचारियों के लिए उचित सुरक्षा व्यवस्था और जरूरी सावधानियां बरती जातीं, तो क्या इस दर्दनाक हादसे को टाला जा सकता था? यह जांच का महत्वपूर्ण विषय है।
तीन घंटे से अंदर पुलिस, बाहर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं
हादसे की सूचना मिलने के बाद थाना मकसूदां की पुलिस मौके पर पहुंची। ए.एस.आई. भूपिंदर सिंह पुलिस पार्टी के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और जांच शुरू की। पुलिस करीब तीन घंटे तक फैक्ट्री के अंदर जांच करती रही, लेकिन खबर लिखे जाने तक पुलिस की ओर से मीडिया को हादसे के कारणों अथवा जांच की प्रगति के संबंध में कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी गई।
ऐसे में सवाल उठता है कि पुलिस की जांच में आखिर ऐसा क्या सामने आ रहा है, जिसके चलते इतने समय से अधिकारी फैक्ट्री के अंदर मौजूद हैं? क्या पुलिस फैक्ट्री में सुरक्षा व्यवस्था, मशीन की स्थिति और हादसे के दौरान मौजूद कर्मचारियों से भी पूछताछ कर रही है?
फिलहाल हादसे का वास्तविक कारण और इसमें फैक्ट्री प्रबंधन की किसी प्रकार की लापरवाही रही या नहीं, यह पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। लेकिन एक महिला की जान जाने के बाद फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब देना बेहद जरूरी है। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा कि हादसा महज एक दुर्घटना था या इसके पीछे सुरक्षा व्यवस्था में कोई गंभीर चूक भी सामने आती है।
